सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य पर नगर निगम का बड़ा कदम, वार्षिक मेडिकल जांच और कैंसर स्क्रीनिंग अनिवार्य



लखनऊ । शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और मानवीय बनाने की दिशा में नगर निगम लखनऊ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगर निगम के अंतर्गत कार्यरत सभी सफाई श्रमिकों के लिए अब वार्षिक चिकित्सा परीक्षण और कैंसर स्क्रीनिंग कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा समस्त जोनल सेनेटरी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार नगर निगम के अधीन कार्यरत सभी नियमित, संविदा तथा कार्यदायी संस्थाओं के सफाई कर्मियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण और कैंसर स्क्रीनिंग एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। यह जांच निकटतम राजकीय चिकित्सालय में कराना सुनिश्चित किया जाएगा। 

नगर निगम का मानना है कि सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी से न केवल उनके जीवन की सुरक्षा होगी, बल्कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और सुदृढ़ हो सकेगी।नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि सफाई कर्मियों की यह चिकित्सा जांच निकटतम राजकीय चिकित्सालय, 108 अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा शहर के 8 शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में से किसी एक में कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार करना अनिवार्य होगा और एक सप्ताह के भीतर इसकी सूचना संबंधित स्तर पर उपलब्ध करानी होगी।निर्देशों में यह भी कहा गया है कि चिकित्सा परीक्षण के उपरांत सभी कर्मियों की ओपीडी पर्ची, जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय परामर्श पत्र तथा अन्य संबंधित अभिलेख विधिवत संकलित किए जाएं और सुरक्षित रूप से रखे जाएं। इससे भविष्य में कर्मियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को संधारित करने में भी सुविधा होगी।नगर निगम का यह कदम स्वच्छ सर्वेक्षण के दृष्टिगत भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान से सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे अधिक सुरक्षित वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। नगर निगम का यह निर्णय न केवल स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि सफाई कर्मियों के प्रति संवेदनशील प्रशासनिक सोच को भी दर्शाता है।