एआई और स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन में उत्तर प्रदेश को एआई हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, इंडियाएआई मिशन और यूपी डेस्को के बीच एमओयू



लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के नेतृत्व में आयोजित एआई एवं स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन के अवसर पर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन की स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में एआई इकोसिस्टम को सशक्त करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।इस क्रम में इंडियाएआई मिशन और उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपी डेस्को), लखनऊ के मध्य एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। यह एमओयू आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव और इंडियाएआई मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक सिंह के बीच संपन्न हुआ। यह समझौता केंद्र और राज्य सरकार के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने कहा कि इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत की गई यह पहल प्रदेश के युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कौशल प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के माध्यम से युवाओं के कौशल विकास, नवाचार को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर लगातार कार्य कर रही है।यूपी डेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने बताया कि इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को नोडल प्रशासकीय विभाग और यूपी डेस्को को राज्य की नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश में एआई आधारित पहलों के प्रभावी, समन्वित और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि इंडियाएआई मिशन के तहत प्रदेश में कुल 65 डेटा एवं एआई लैब स्थापित किए जाने की योजना है। इनमें लखनऊ और गोरखपुर स्थित एनआईईएलआईटी केंद्रों में दो डेटा एवं एआई लैब पहले से संचालित हैं, जबकि पीलीभीत में एक डेटा एवं एआई लैब उद्योग साझेदारी के माध्यम से स्थापित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा 49 डेटा एवं एआई लैब को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जिनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जबकि शेष 13 स्थानों की पहचान शीघ्र की जाएगी।इंडियाएआई डेटा एवं एआई लैब्स को विशेष रूप से एआई स्किलिंग के उद्देश्य से आधुनिक अवसंरचना और उन्नत तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। इन लैब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई टूल्स, डेटा सेट्स और वास्तविक समय की समस्याओं पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल अर्जित कर सकें और नवाचारी एआई समाधान विकसित कर सकें।

यह पहल युवाओं को हैंड्स-ऑन अनुभव प्रदान कर रोजगार के लिए तैयार करने, देश में एआई कौशल अंतर को कम करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और एआई उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।सम्मेलन में यह भी कहा गया कि यह कार्यक्रम युवाओं को उभरती तकनीकों से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को एआई आधारित नवाचार और तकनीकी सशक्तिकरण का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, इंडियाएआई मिशन, यूपी डेस्को, विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।