वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नंदिनी नगर महाविद्यालय में राष्ट्र कथा का शुभारंभ



नवाबगंज (गोण्डा)। नंदिनी नगर महाविद्यालय परिसर में बृहस्पतिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पांच दिवसीय राष्ट्र कथा का भव्य शुभारंभ किया गया। शुभारंभ अवसर पर नंदिनी मंदिर परिसर स्थित हवन कुंड में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, कैसरगंज सांसद करनभूषण सिंह, विधायक प्रतीक भूषण सिंह एवं सुमित भूषण सिंह ने विधि-विधान से हवन-पूजन किया। इसके पश्चात सद्गुरु रीतेश्वर नंद महाराज के करकमलों से महाविद्यालय परिसर में 51 पौधों का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान पंडाल में अयोध्या से पधारे संत-महात्माओं का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर सद्गुरु रीतेश्वर नंद महाराज ने कहा कि राष्ट्र कथा के पांच दिन जीवन के श्रेष्ठ दिन सिद्ध होंगे। यदि कथा का श्रवण सच्चे मन से किया जाए तो जीवन आनंदमय हो जाता है और जहां भी जाएंगे, वहां इसका ज्ञान स्वतः प्रसारित होगा। उन्होंने कहा कि संत का कोई विशेष भेष नहीं होता, बल्कि जो मनुष्य को ज्ञान और सद्मार्ग की बातें बताए वही सच्चा संत होता है। भारत की धरती सदैव ज्ञान की भूमि रही है और संतों ने अपने ज्ञान से राष्ट्र निर्माण का कार्य किया है।उन्होंने कहा कि हम अपने जीवन के अधिकांश निर्णय मन से नहीं लेते हैं, जबकि राष्ट्र कथा का उद्देश्य यही है कि मन को जागृत कर सही दिशा में प्रेरित किया जाए। उन्होंने क्षेत्रवासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की चरण पादुका एवं बांसुरी यहां लाई गई है, जो बांके बिहारी मंदिर से बाहर नहीं जाती। 

कथा का आयोजन पांच दिनों तक चलेगा । इस अवसर पर अयोध्या से पधारे संतों में गौरीशंकर दास, स्वामी अवधेश कुमार दास, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी प्रपन्नाचार्य, महंत जनमेजय शरण, आचार्य मिथिलेश नंदनी शरण, डॉ. महेश दास, कृपालु राम भूषण देवाचार्य, हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेम दास, लक्ष्मण किला के महंत मैथलीशरण दास, बिंदुगद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी विद्या भास्कर महाराज, स्वामी राघवाचार्य (रामलला निवास) सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।