नयी दिल्ली(डेस्क) - रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आधार आधारित प्रमाणीकरण, बहुस्तरीय साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी रोधी उपायों के कारण वर्ष 2025 में तीन करोड़ तीन लाख संदिग्ध आईआरसीटीसी यूजर आईडी निष्क्रिय कर दी गईं। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में श्री वैष्णव ने कहा कि इससे वास्तविक उपयोगकर्ताओं के लिए निर्बाध बुकिंग सुनिश्चित हुई है।
उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने हैकिंग टूल्स द्वारा फॉर्म के स्वतः भरने को रोकने और इंटरनेट के माध्यम से तत्काल टिकट बुकिंग में होने वाली धोखाधड़ी को कम करने के लिए कई उपाय किए हैं, साथ ही सिस्टम को साइबर हमलों से सुरक्षित रखा है। आधार प्रमाणीकरण उपयोगकर्ता की विशिष्टता का तुरंत सत्यापन करता है, जो तत्काल टिकट बुकिंग की समयबद्ध प्रक्रिया को देखते हुए महत्वपूर्ण है। स्क्रिप्टिंग और ब्रूट-फोर्स अटैक से बचने के लिए कई स्तरों पर कैप्चा तंत्र सहित कई एप्लिकेशन स्तरीय सुरक्षा नियंत्रण लागू किए गए हैं।