- अर्पिता पहले, ज्योति दूसरे और नेहा तीसरे स्थान पर रहीं, अंजली को सांत्वना पुरस्कार
गोण्डा । “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्थानीय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) के सहयोग से पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गयी। डायरिया के प्रति जागरूकता के लिए इस मौके पर रोल प्ले का भी आयोजन किया गया। प्रिंसिपल गीता त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में 39 छात्राओं ने भाग लिया, जिसमें कक्षा-10 की अर्पिता पहले, कक्षा-10 की ज्योति दूसरे और कक्षा -10 की ही नेहा तीसरे स्थान पर रहीं। कक्षा-9 की अंजली को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। रोल प्ले में कक्षा-10 की रागिनी और वैष्णवी अव्वल रहीं।
इस मौके पर प्रिंसिपल ने डायरिया रोकथाम और प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बच्चे को दिन में तीन बार से अधिक पतली दस्त हो, प्यास ज्यादा लगे और आँखें धंस गयी हों तो यह डायरिया के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को जल्दी से जल्दी ओआरएस का घोल देना शुरू करें और तब तक इस घोल को देते रहें जब तक की दस्त ठीक न हो जाए। इसके साथ ही निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से सम्पर्क करना चाहिए। इसके अलावा स्थानीय एएनएम या आशा दीदी के सहयोग से जिंक की गोली प्राप्त कर सकते हैं और उनके द्वारा बताये गए तरीके से 14 दिनों तक बच्चों को अवश्य दें। डायरिया की चपेट में कई कारणों से बच्चे आ सकते हैं, जैसे- दूषित जल पीने से, दूषित हाथों से भोजन बनाने या बच्चे को खाना खिलाने, खुले में शौच करने या बच्चों के मल का ठीक से निस्तारण न करने आदि से। इसलिए डायरिया से बचाव के लिए घर और आस-पास साफ-सफाई रखें। शौच और बच्चों का मल साफ़ करने के बाद, भोजन बनाने और खिलाने से पहले हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह अवश्य धुलें।
इस अवसर पर पीएसआई इंडिया से पंकज पाठक एवं अवध कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय की ओर से शिक्षिका मनीषा, शालिनी, प्रमिला तिवारी, शहनाज आदि मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन मनोज मिश्रा ने किया।