महागौरा पर्व: शिव और गौरी की पूजा में महिलाएं रखती हैं उपवास



लखनऊ(नेशनल डेस्क) - नेपाल में मनाए जाने वाले महागौरा पर्व का उत्सव रविवार को समाप्त होगा। यह चार दिवसीय पर्व काठमांडू घाटी के टुंडीखेल में विशेष मेले के साथ मनाया जाता है, जिसमें नेपाल के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र और कर्णाली प्रांत के लोग शामिल होते हैं।
 
महागौरा पर्व नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत और कुमाऊं क्षेत्र (उत्तराखंड, भारत) में भी मनाया जाता है। इसमें विशेष रूप से भगवान शिव और गौरी की पूजा की जाती है। इस दौरान महिलाएँ पूरे दिन उपवास रखती हैं और दिन के अंत में विशेष व्रत भोज तैयार किया जाता है, जिसमें पूरी, खीर, सेल रोटी और बिरुड़ा (पाँच प्रकार के अनाज: गेहूँ, चना, मटर, काला चना और रोडोडेंड्रोन) शामिल होते हैं।
 
विवाहित महिलाएँ इस दिन पारंपरिक पोशाक पहनकर सगुण गाती हैं और देउड़ा नृत्य करती हैं, जो पर्व की ख़ासियत है। महागौरा पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो समाज में पारंपरिक एकता और श्रद्धा को बढ़ावा देता है।