देश में टुकड़े-टुकड़े गैंग सक्रिय, सशक्त नागरिक देश को जोड़ते हैं, तोड़ते नहीं: प्रो.संजय द्विवेदी



  • 'विमर्श भारती' की व्याख्यान माला में बोले आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक 

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में विमर्श भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के तत्वावधान में ‘सशक्त नागरिक, सशक्त भारत’ विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एवं पूर्व महानिदेशक भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमएसी) नई दिल्ली, प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि सशक्त नागरिक देश को जोड़ता है, तोड़ता नहीं। उन्होंने कहा कि आज देश में टुकड़े टुकड़ गैंग सक्रिय है, जिनका दिन- रात एक ही काम है कि लोग में मतभेद पैदा हो, समाज में विघटन हो और देश तोड़ना ही उनका एकमात्र काम है।

प्रोफेसर द्विवेदी ने कहा कि सशक्त नागरिक की पहचान क्या है? सशक्त नागरिक का तात्पर्य यह नहीं है कि वह अधिकारों की लिस्ट लेकर खड़ा हो जाए। 70 -75 सालों में हमने क्या किया है। हमारी ‘मांगे पूरी हो, चाहे जो मजबूरी हो’ यही सीखा है। 
उन्होंने कहा कि यह सोशलिस्ट कल्चर है। ये देश आपका है, आपको ही तय करना है, आप ही भारत भाग्य विधाता हैं। प्रोफेसर द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्र से सिर्फ सुविधा की अपेक्षा रखना, शून्य कर्तव्य बोध के साथ रहना, ये किसने सिखाया है? कहीं तो गड़बड़ हुई है, अन्यथा हम मार्ग से भटके नहीं होते। उन्होंने कहा कि सशक्त नागरिक वह है जो कर्तव्य को प्राथमिकता देता है।

कंटेट क्रिएटर नहीं, कंटेट रिर्फामर बनें : प्रोफेसर द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे सिर्फ कंटेंट क्रिएटर नहीं, उससे आगे कंटेंट लीडर और कंटेंट रिर्फामर बनें। करोड़ों लोगों तक पहुँचने वाला प्रत्येक शब्द, प्रत्येक विचार और प्रत्येक दृश्य अपने आप में एक संदेश है। इसलिए यह सिर्फ वायरल नहीं बल्कि मूल्यवान भी होना चाहिये।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि लोकप्रियता से अधिक जरूरी यह है कि सामग्री समाज को बेहतर बनाए, नागरिक विवेक को विकसित करे और संवाद की संस्कृति को मजबूत करे। फेक न्यूज़, तथ्यहीन दावे और सनसनीखेज प्रस्तुति विश्वसनीयता के संकट को जन्म दे रहे हैं। एल्गोरिद्म की मजबूरी क्रिएटर्स को रचनात्मकता से दूर ले जाकर केवल ट्रेंड के पीछे भागने के लिए विवश कर रही है। उन्होंने कहा कि तोड़ने वाले बहुत हैं अब कुछ ऐसे लोग चाहिए जो देश और दिलों को जोड़ने का काम करें।

समर्थ नागरिक बनें : व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता आरएसएस के छत्तीसगढ़ सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ने कहा कि वही देश उन्नति करता है, जिस देश के नागरिक सजग और समर्थ होते हैं। आज विचारणीय है कि नागरिक कितने सजग और समर्थ हैं। उन्होंने कहा कि देश पर आक्रांताओं के लगातार आक्रमण के कारण नागरिकों की मानसकिता में परिवर्तन आया, जिससे देश के विकास उन्नति में बाधा पहुंची। हम सब को अपने अपने अंतस में विचार करके आज के नागरिक के आचार विचार, व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना होगा। 

कार्यक्रम में बिलासपुर जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल और सिम्स के डीन रमणेश मूर्ति ने भी संबोधित किया।