ऑपरेशन पहचान के तहत लखनऊ में किरायेदार पंजीकरण अभियान तेज, वर्ष 2025 में 13,864 रजिस्ट्रेशन



लखनऊ । पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन पहचान’ के अंतर्गत किरायेदार पंजीकरण अभियान को व्यापक स्तर पर लागू किया गया है। इस अभियान के तहत वर्ष 2025 के दौरान लखनऊ के विभिन्न जोनों में कुल 13,864 किरायेदारों का पंजीकरण किया गया है, जिनका संबंधित थानों की पुलिस टीमों द्वारा लगातार भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है।पुलिस कमिश्नरेट से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में मध्य जोन में 843, पूर्वी जोन में 6657, दक्षिणी जोन में 4928, पश्चिमी जोन में 532 तथा उत्तरी जोन में 904 किरायेदारों का पंजीकरण कराया गया। पुलिस का कहना है कि किरायेदारों का समय से पंजीकरण और सत्यापन अपराध नियंत्रण की दिशा में एक प्रभावी कदम है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

मकान मालिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किरायेदार पंजीकरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाया गया है। इसके लिए लखनऊ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट lucknowpolice.up.gov.in और UPCOP APP पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मकान मालिक का यह दायित्व है कि वह अपने यहां रहने वाले किरायेदार की पूरी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराए। यह प्रक्रिया किरायेदार को मकान या संपत्ति किराये पर देने से पहले अथवा अधिकतम एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी।पुलिस के अनुसार यदि किसी मकान में एक से अधिक किरायेदार निवास कर रहे हैं, तो सभी का पंजीकरण और सत्यापन कराना आवश्यक है। पंजीकरण के उपरांत संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस टीम द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसमें मकान मालिकों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की गई है। साथ ही मकान मालिकों को किरायेदार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज जैसे फोटो, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और मूल पता अपने पास सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस कमिश्नरेट ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी किरायेदार की संलिप्तता आपराधिक गतिविधियों में पाई जाती है और उस किरायेदार की सूचना पहले से पुलिस को नहीं दी गई होती है, तो संबंधित मकान मालिक के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि किसी विदेशी नागरिक को मकान किराये पर दिया जाता है, तो मकान मालिक को अनिवार्य रूप से फॉर्म-सी भरकर स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी देनी होगी।ऑपरेशन पहचान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में लगातार जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। पुलिस टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में मकान मालिकों से संपर्क कर उन्हें किरायेदार पंजीकरण और सत्यापन की अनिवार्यता के बारे में जागरूक कर रही हैं। इसके साथ ही मोहल्लों और आवासीय इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से आमजन को भी यह संदेश दिया जा रहा है कि बिना सत्यापन के किरायेदार न रखें और समय से संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं।

पुलिस कमिश्नरेट ने सभी मकान मालिकों से अपील की है कि वे अपने यहां रहने वाले किरायेदारों से चरित्र प्रमाण पत्र अवश्य प्राप्त कर लें। चरित्र प्रमाण पत्र के लिए भी लखनऊ पुलिस की वेबसाइट अथवा UPCOP APP के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सहभागिता से ही जनपद में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।