लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान मण्डल में आज से बजट सत्र का शुभारम्भ हो रहा है, जिसकी शुरुआत संसदीय परम्परा के अनुरूप राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भावी कार्ययोजना का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसे सदन के माध्यम से प्रदेश की जनता के समक्ष रखा जाता है और जिस पर सभी माननीय सदस्य चर्चा करते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज विधान भवन परिसर में विधान मण्डल सत्र से पूर्व मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 का सामान्य बजट आगामी 11 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद बजट पर विस्तृत चर्चा होगी और अंततः अनुदान मांगों को पारित किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि बजट सत्र 09 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के सदन के पटल पर रखे जाने के उपरान्त यह पहली बार होगा, जब उत्तर प्रदेश सरकार की आर्थिक उपलब्धियों पर आधारित आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकालकर देश की अर्थव्यवस्था में ब्रेक-थ्रू स्टेट के रूप में स्थापित किया गया है। प्रदेश के आर्थिक उन्नयन की इस पूरी यात्रा, उससे जुड़े कारकों और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करना जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की जनता का अधिकार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि, आर्थिक उन्नयन, रोजगार सृजन की स्थिति में सुधार और वित्तीय प्रबन्धन के सुदृढ़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत विवरण होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार पिछले पांच वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित है और राज्यपाल के अभिभाषण तथा बजट पर चर्चा के दौरान यह रिपोर्ट सदन के लिए प्रदेश के डाटा का एक अहम दस्तावेज सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान मण्डल लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ है, जो संवाद से चलता है, न कि कार्यवाही को बाधित करने से। सरकार संवाद और सकारात्मक चर्चा के माध्यम से समस्याओं के समाधान में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा-परिचर्चा के लिए तैयार है और सभी सदस्यों के बहुमूल्य सुझावों पर विचार कर राज्य हित में आवश्यक कदम उठाएगी, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित न की जाए और अनावश्यक शोर-गुल से बचा जाए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि विधायिका के इस सर्वोच्च मंच का उपयोग जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश विधान मण्डल में कार्यवाही के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं और यह वर्ष सरकार के 10वें बजट का वर्ष है, ऐसे में यह सत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण है। पूरे प्रदेश और देश की निगाहें इस बजट सत्र पर टिकी हुई हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की गति को और तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह सत्र न केवल अनेक विधायी कार्यों को सम्पन्न करने का अवसर देगा, बल्कि सभी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाने का भी सशक्त मंच प्रदान करेगा।