लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र 2026 नौ फरवरी से प्रारम्भ होकर बीस फरवरी तक चलेगा। इस दौरान सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा व्यापक और कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा के साथ-साथ विधानसभा और विधान परिषद की गरिमा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विधान भवन और उसके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को रोकने तथा सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा के दृष्टिगत सम्पूर्ण विधान भवन परिसर और आसपास के क्षेत्रों को चार जोन और दस सेक्टरों में विभाजित किया गया है। कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर मैदानी पुलिस बल तक की व्यापक तैनाती की गई है। इसमें चार अपर पुलिस उपायुक्त और ग्यारह सहायक पुलिस आयुक्त को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके साथ ही छह कंपनियां पीएसी और आरआरएफ की तथा तीन विशेष कमांडो टीमें एटीएस की तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
खुफिया और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एलआईयू की टीमों के साथ डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बम निरोधक दस्ते, एंटी-माइन टीम और एंटी-सैबोटाज चेक टीमों को भी सक्रिय किया गया है। विधानमण्डल परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि को रोका जा सके।यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष योजना लागू की गई है।
विधान भवन और उसके आसपास के मार्गों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए निरीक्षक, उप-निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी और होमगार्ड की पर्याप्त संख्या में तैनाती की गई है। इसके साथ ही आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग से यातायात परामर्श भी जारी किया जा रहा है, ताकि लोगों को अनावश्यक असुविधा न हो।सत्र से पूर्व सभी पुलिस, प्रशासनिक और सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लानिंग और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी दी गई। तकनीकी स्तर पर पूरे क्षेत्र की चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पुलिस की सतर्क नजर बनी हुई है, ताकि किसी भी अफवाह या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने जनसाधारण से अपील की है कि वे बजट सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और पुलिस द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले यातायात डायवर्जन और परामर्श का पालन करें, ताकि विधानमण्डल सत्र शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके।