स्वास्थ्य सेवा देश के रीढ़ की हड्डी, इसे मजबूत करें-सीडीओ



  • जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को जन जन तक पहुंचाने पर चर्चा
  • आरआई, छाया वीएचएसएनडी, परिवार नियोजन, मातृत्व और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा

गोरखपुर - स्वास्थ्य सेवा किसी भी देश के रीढ़ की हड्डी है। इसे मजबूत करना सभी का दायित्व है । अगर ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए तो सभी संकेतांकों में सुधार होगा और समुदाय तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी। उक्त बातें मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा ने जिला स्वास्थ्य समिति की विकास भवन सभागार में शुक्रवार की शाम तक चली बैठक के दौरान कहीं । बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को जन जन तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। नियमित टीकाकरण (आरआई), छाया ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (छाया वीएचएसएनडी), परिवार नियोजन, मातृत्व और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विशेष तौर पर समीक्षा की गयी ।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि नियमित समीक्षा कर अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले ब्लॉक को कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया। सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए नियमित बैठकें व पर्यवेक्षण करें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि 10 फरवरी से कृमि मुक्ति का अभियान चलेगा। इसमें एक से 19 साल तक के बच्चों को कृमि रोधी दवा खिलाई जाएगी । इस सम्बन्ध में सभी चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्र के प्राइवेट व सरकारी स्कूल के साथ बैठकें कर लें और उन्हें दवा भी समय से उपलब्ध हो जाए। यह दवा स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ही खिलाई जाएगी। उन्होंने जिले में शत प्रतिशत एमआर टीकाकरण के लिए हेड काउंट सर्वे और ड्यू लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही माइक्रो प्लानिंग के गैप्स दूर करने के भी निर्देश दिए।

सीएमओ ने कहा कि छाया वीएचएसएनडी सत्रों पर उपकरणों और दवाओं की शत प्रतिशत उपलब्धता होनी चाहिए और इसकी जांच ब्लॉक के अधिकारी खुद करें । उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जिले में सर्जन की कमी पूरी हो जाएगी और ऐसी स्थिति में पुरुष और महिला नसबंदी की सेवाओं को बढ़ाना होगा । मातृ मृत्यु के मामलों की ऑडिट कराएं और संस्थागत प्रसव के शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रेरित करें। जो भी कार्यक्रम चल रहे हैं उनकी पोर्टल पर सही से रिपोर्टिंग हो और इसकी नियमित समीक्षा की जाए ।

इस अवसर पर जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजेंद्र ठाकुर, महिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ एनके श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नंद कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ एके चौधरी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ गणेश प्रसाद यादव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा, आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, डीएचईआईओ केएन बरनवाल, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक पंकज आनंद, डीडीएम पवन गुप्ता, डैम पवन, क्वालिटी सहायक विजय श्रीवास्तव समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अपेक्षाकृत हुआ है सुधार : सीएमओ ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ संस्थाओं के मॉनीटरिंग फीडबैक के आधार पर जूम मीटिंग के जरिये नियमित तौर पर गैप्स के बारे में ब्लॉक को अवगत कराया जाता है । इससे नियमित टीकाकरण और छाया वीएचएसएनडी सेवाओं के कुछ संकेतांकों में अपेक्षाकृत सुधार आया है, लेकिन इस पर और अधिक कार्य करना है ।