ब्लैक व व्हाइट फंगस के बाद अब येलो फंगस का क़हर



  • गाज़ियाबाद में आया पहला मामला सामने

दिल्ली (न्यूज़ डेस्क ) - ब्लैक (Black Fungus) और व्हाइट फंगस (White Fungus) के बाद अब यैलो फंगस (Yellow Fungus) ने भी दस्तक दे दी है। दिल्ली-एनसीआर से इसका पहला मामला सामने आया है. मामला गाजियाबाद का है।  यैलो फंगस को ब्लैक और व्हाइट फंगस से ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। ईएनटी सर्जन डॉक्टर बृज पाल त्यागी के अस्पताल में इसके मरीज का इलाज किया जा रहा है। सुस्ती, कम भूख लगना या बिल्कुल भी भूख न लगना और वजन कम होना मुकोरसेप्टिकस यानी यैलो फंगस के लक्षण बताए जा रहे हैं।

यैलो फंगस एक घातक बीमारी है क्योंकि यह आंतरिक रूप से शुरू होता है और इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी भी लक्षण को नोटिस करते ही चिकित्सा उपचार करें।

क्या है इस बीमारी की वजह - आस-पास गंदगी का होना यैलो फंगस का मुख्य कारण बताया जा रहा है। अपने घर के आस पास के बाड़े को साफ़ करना, इसे यथासंभव स्वच्छ रखना, और बैक्टीरिया और फंगस के विकास को रोकने में मदद करने के लिए पुराने खाद्य पदार्थों को जल्द से जल्द हटाना बहुत महत्वपूर्ण है।

घर की ह्यूमिडिटी भी महत्वपूर्ण है इसलिए इसे हर समय मापा जाना चाहिए, बहुत अधिक ह्यूमिडिटी बैक्टीरिया और फ़ंगस के विकास को बढ़ावा दे सकती है। सही ह्यूमिडिटी जिसे आप प्राप्त करना चाहते हैं वह 30% से 40% है, बहुत अधिक नमी होने की तुलना में कम ह्यूमिडिटी से निपटना आसान है। वॉटरटैंक में नमी को कम करना और अच्छी प्रतिरोधक प्रणाली भी पीले फंगस की संभावना को कम कर सकती है।