नई दिल्ली : 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर गांव-गांव में योग को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि 21 जून 2026 को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह, उल्लास और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा, जिसमें ग्राम प्रधानों का सहयोग और जनसमर्थन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ गांव ही सशक्त, समृद्ध और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। यदि प्रत्येक परिवार योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाए, तो न केवल बीमारियों में कमी आएगी, बल्कि समाज अधिक स्वस्थ, ऊर्जावान और खुशहाल बनेगा । उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) निर्धारित की गई है, जो जीवन के हर चरण में योग की उपयोगिता और स्वस्थ एवं गरिमापूर्ण जीवन में उसकी भूमिका को रेखांकित करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है तथा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने में मदद करता है।
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने योग को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि आज विश्व के 150 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि उसकी इस महान परंपरा को वैश्विक स्तर पर व्यापक स्वीकृति मिली है।
प्रधानमंत्री ने ग्राम प्रधानों से आंगनबाड़ी केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, पंचायत भवनों, विद्यालयों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर योग कार्यक्रमों के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक संख्या में इन कार्यक्रमों से जोड़ने तथा योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि ग्राम प्रधानों के सहयोग और मार्गदर्शन से "स्वस्थ आयु के लिए योग" का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा और देश एक स्वस्थ, सशक्त तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी ग्राम प्रधानों और देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।