- निजी अस्पताल व नर्सिंग होम जरूर स्थापित करें ओआरएस कॉर्नर
- बैठक में निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम के प्रतिनिधियों ने लिया भाग
गोंडा । डायरिया रोकथाम और प्रबंधन में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की भूमिका पर विचार-विमर्श को लेकर शुक्रवार की देर शाम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सभागार में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पब्लिक प्राइवेट इंटरफेस) की बैठक हुई। बैठक में डायरिया रोको अभियान की तैयारियों पर चर्चा हुई और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वह अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही अपने-अपने अस्पताल में जल्द से जल्द ओआरएस कॉर्नर की स्थापना करें। स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) के सहयोग से आयोजित बैठक में आईएमए अध्यक्ष और 11 निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता व उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अमरनाथ ने डायरिया रोको अभियान की कार्ययोजना साझा की। पीएसआई इंडिया के पंकज पाठक ने “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। डायरिया रोको अभियान में निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की भूमिका पर भी चर्चा की। अपर शोध अधिकारी (एआरओ) चन्दन श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को ओआरएस का स्टॉक शासकीय स्रोतों से मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने सभी निजी सेवा प्रदाताओं/ प्रतिनिधियों को आवश्यकतानुसार ओआरएस की मांग प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में आंकड़ों के संकलन एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई। एआरओ अरुण श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा डाटा संकलन हेतु एक गूगल शीट का उपयोग किया जाए, जिसे व्हाट्सएप समूह में साझा किया जाये। बैठक में आईईसी सामग्री के प्रदर्शन एवं ओआरएस कॉर्नर की स्थापना पर भी चर्चा हुई । सभी निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा पीएसआई इंडिया के सहयोग से अपने संस्थानों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की गई। आईएमए अध्यक्ष डॉ. एस.के. मिश्रा द्वारा ओआरएस एवं जिंक के उपयोग एवं महत्व पर विशेष जोर दिया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने डायरिया रोको अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समन्वय एवं सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।