लखनऊ - राजधानी लखनऊ में सनातन महापरिषद भारत एवं राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में देशभर से आए पदाधिकारी, पत्रकार, समाजसेवी एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय और यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण KGMU की कुलपति प्रोफेसर डॉ. सोनिया नित्यानंद को “कर्मविभूषण 2026” सम्मान से सम्मानित किया जाना रहा। सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, लखनऊ की वरिष्ठ अधिकारी राजश्री मुखर्जी सहित कई विशिष्ट हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। इससे पूर्व प्रोफेसर डॉ. आर.के. धीमान एवं एस्कॉर्ट्स हृदय संस्थान के हृदय रोग विभाग के निदेशक डॉ. एस.एन. खन्ना को भी कर्मविभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
समारोह के दौरान सनातन महापरिषद भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी.एम. पांडेय ने कुलपति प्रो. डॉ. सोनिया नित्यानंद से पत्रकारों के लिए सहायता कक्ष स्थापित करने की मांग रखी। इस पर कुलपति ने आश्वासन दिया कि वह इस विषय को शासन स्तर तक पहुंचाकर जल्द सकारात्मक पहल करने का प्रयास करेंगी।
पीहू की प्रस्तुति ने मोहा मन - कार्यक्रम में आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पिहू द्विवेदी की मनमोहक प्रस्तुति को खूब सराहा गया, जिसके बाद उन्हें सनातन महापरिषद भारत का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया गया। वहीं सेठ एम.आर. जयपुरिया विद्यालय के छात्र नैमिष श्लोक पांडेय एवं क्रीधानिका पांडेय द्वारा किए गए मंत्रोच्चार ने पूरे सभागार में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
समारोह में मधु पराशर, उत्तम कुमार शर्मा, चंद्र मोहन नौटियाल, योगी महेंद्र नाथ गोरक्षधाम, कंचन सुंदराली, पुष्पेंद्र पांडेय, राजेंद्र सिंह, शोभित कुमार शुक्ला, हिमांशु पांडेय, राधेश्याम गुप्ता, विशाल जालान, डॉ. अजय प्रकाश सिंह, प्रोफेसर डॉ. शैली महाजन, ईशांत प्रताप सेंगर एवं संदीप दुबे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके साथ ही समाज सेवा एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अर्चना तिवारी, कल्पना वर्मा, किरण उपाध्याय, अनिल मिश्रा, रूपेश जैतली एवं पिहू द्विवेदी को भी सम्मानित किया गया। समारोह का समापन राष्ट्र एवं समाज के उत्थान हेतु सामूहिक सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।