लखनऊ - उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर विकास और सुशासन के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के कारण राज्य को लीड्स 2025 रैंकिंग में लैंडलॉक्ड राज्यों की श्रेणी में सर्वोच्च “एक्सेम्पलर” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उस व्यापक परिवर्तन की पहचान है, जिसने उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति के केंद्र में लाकर खड़ा किया है। नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश की ओर से इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने पुरस्कार ग्रहण किया।
यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या के लिहाज से बड़ा राज्य नहीं, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल परिवहन व्यवस्था और निवेश-अनुकूल नीतियों वाला अग्रणी आर्थिक प्रदेश बन चुका है। वर्ष 2018 में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा शुरू की गई लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (लीड्स) पहल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन का मूल्यांकन करने वाला राष्ट्रीय मानक है। इसमें परिवहन नेटवर्क, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन दक्षता, नियामकीय सुधार, लॉजिस्टिक्स सेवाओं की गुणवत्ता और व्यापार सुगमता जैसे विभिन्न पहलुओं का विस्तृत आकलन किया जाता है। इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में उत्तर प्रदेश का “अचीवर” श्रेणी से सीधे “एक्सेम्पलर” श्रेणी तक पहुंचना राज्य की तेज और प्रभावी विकास यात्रा को दर्शाता है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति दी है। राज्य सरकार ने एक्सप्रेसवे नेटवर्क का व्यापक विस्तार करते हुए प्रदेश को आधुनिक सड़क संपर्क से जोड़ा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी विशाल परियोजनाओं ने प्रदेश में माल परिवहन को तेज, सुरक्षित और मितव्ययी बनाया है। इन एक्सप्रेसवे के माध्यम से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर संपर्क मिला है, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद मिली है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति 2022 ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश को नई दिशा दी है। इस नीति के अंतर्गत निजी निवेशकों को प्रोत्साहन, भूमि उपलब्धता, कर रियायतें और आधुनिक सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप प्रदेश में वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और सप्लाई चेन नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। कृषि उत्पादों के भंडारण और परिवहन में सुधार से किसानों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की रणनीति केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किए हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य सड़क, रेल, हवाई और जल परिवहन को एकीकृत कर एक ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जिससे परिवहन लागत कम हो, समय की बचत हो और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़े। यह पहल प्रदेश को देश के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रदेश में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक कॉरिडोर और फ्रेट कॉरिडोर भी इस सफलता की मजबूत आधारशिला हैं। पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश के बड़े औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों से सीधे जुड़ रहा है। इससे निर्यात गतिविधियों को नई गति मिल रही है और वैश्विक निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा है।
इसके अतिरिक्त, राज्य में विकसित हो रहे नए एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब प्रदेश की आर्थिक संभावनाओं को और मजबूत बना रहे हैं। नोएडा का जेवर इन्टरनेशनल एयरपोर्ट जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भविष्य में उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कार्गो परिवहन का प्रमुख केंद्र बना सकते हैं। एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर प्रदेश में रोजगार और निवेश दोनों को बढ़ावा देंगे।