दरभंगा में उत्सव के रूप में मना विश्व हाथ स्वच्छता दिवस



  • जिले में जगह-जगह आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

दरभंगा। विश्व हाथ स्वच्छता दिवस के उपलक्ष्य में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, महिला आरोग्य समितियों, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनके माध्यम से हाथों की स्वच्छता के महत्व एवं हाथ धोने के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से बताया गया।

स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी  कार्यकर्ताओं, स्कूली बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने भाग लिया इस दिवस को दरभंगा जिले में एक त्योहार के रूप में मनाया गया। इसी क्रम में स्थानीय विद्यालय, मध्य विद्यालय खाजा सराय एवं मध्य विद्यालय उखड़ा, हनुमानगर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक पुरूषोतम कुमार जयसवाल ने बताया कि संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे सरल और कारगर तरीका साबुन और पानी से हाथों को समय-समय पर धोना है। खाना खाने से पहले, खाना बनाने से पहले, शौच के बाद एवं घर की साफ-सफ़ाई के बाद यदि हाथों को सही तरीके से साबुन-पानी से धोते हैं तो हाथ स्वच्छ एवं कीटाणु मुक्त रहेंगे और बीमारियां दूर रहेंगी।

इस मौके पर पीएसआई इंडिया के संजय तरुण ने बताया कि हाथ धोने के विभिन्न चरणों का पालन कर बच्चों को डायरिया समेत कई संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसे विभिन्न प्रचार-प्रसार सामग्री के माध्यम से बच्चों को समझाया भी गया। इस मौके पर यह भी बताया गया कि किसी भी बच्चे में दस्त की शिकायत हो तो तुरन्त ओआरएस एवं जिंक का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए जो कि स्थानीय सरकारी अस्पतालों एवं आशा, ए एन एम के पास भी निःशुल्क उपलब्ध है। इस मौके पर दोनों विद्यालयों के छह से 12 वर्ष के 530 बच्चों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। इसी क्रम में ख़जसराय यू पी एच सी के अंतर्गत महिला आरोग्य समिति की बैठक में आशा कार्यकर्ता गीता कुमारी ने सदस्यों को डायरिया की स्थिति में ओ आर एस और जिंक की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया l