- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गलता धाम में विकास कार्यों के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के ऐतिहासिक गलता धाम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गालव ऋषि की इस तपोस्थली के प्रति करोड़ों लोगों की अटूट श्रद्धा है, इसलिए इसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप जिला प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने रविवार को जयपुर में गलता धाम परिसर में तीर्थ के विकास को लेकर अधिकारियों की बैठक की। श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंदिर परिसर में वृद्धजनों के लिए ट्रैवलेटर (स्वचालित पैदल पथ) जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। साथ ही, उन्होंने गलता धाम की ओर आने वाले दोनों रास्तों के सौंदर्यीकरण और बड़े स्तर पर वाहन पार्किंग विकसित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रवेश द्वार से लेकर मंदिर तक के मार्गों पर धार्मिक चित्रण किया जाए, जिससे यहां आने वाले भक्तों को भक्तिमय वातावरण का अनुभव हो।
आगामी सावन मास को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पवित्र कुंडों की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग करने और मंदिर की दीवारों के जीर्णोद्धार के आदेश दिए। उन्होंने परिसर में वानरों के लिए एक विशेष स्थान निर्धारित करने का भी सुझाव दिया ताकि व्यवस्था बनी रहे। प्रवेश द्वार पर मंदिर के इतिहास और जानकारी को प्रदर्शित करने के लिए सूचना पट्ट लगाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने सपत्नीक सीताराम जी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने गलता कुंड में अर्घ्य दिया और विभिन्न मंदिरों का अवलोकन भी किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधारोपण भी किया।
इस अवसर पर राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, पूर्व विधायक अशोक परनामी सहित जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे।