नई दिल्ली : भारतीय रेलवे की ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत देशभर के 2,000 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर अब तक 2,326 आउटलेट स्थापित किए जा चुके हैं, जहां स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
केंद्रीय बजट 2022-23 में शुरू की गई इस पहल से अब तक करीब 1.32 लाख लोगों को लाभ मिला है। रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध ये प्लेटफॉर्म कारीगरों को लाखों यात्रियों तक अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका दे रहे हैं।
इस पहल के तहत हर क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को दर्शाने वाले उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, पटना रेलवे स्टेशन पर विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग्स और तमिलनाडु के तेनकासी जंक्शन पर बेंत से बनी उत्कृष्ट कारीगरी स्थानीय कला और परंपरा को नई पहचान दे रही है।