- सीएमओ ने कहा- निजी अस्पताल बनाएं ओआरएस कॉर्नर
- ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत पब्लिक प्राइवेट इंटरफेस की बैठक
श्रावस्ती । डायरिया रोकथाम और प्रबन्धन में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की भूमिका पर विचार-विमर्श को लेकर सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पब्लिक प्राइवेट इंटरफेस) की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने जनपद में शुरू होने वाले डायरिया रोको अभियान की तैयारियों पर चर्चा की और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से कहा कि वह अपने-अपने अस्पताल में जल्द से जल्द ओआरएस कॉर्नर की स्थापना करें। स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) और केनव्यू (KENVUE) के सहयोग से आयोजित बैठक में सात निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) राकेश गुप्ता ने डायरिया रोको अभियान की कार्ययोजना साझा की। पीएसआई इंडिया के पंकज पाठक ने “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। डायरिया रोको अभियान में निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की भूमिका पर भी चर्चा की। अपर शोध अधिकारी (एआरओ) सुरेश यादव ने बैठक में आंकड़ों के संकलन एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने पर चर्चा की । एआरओ ने सुझाव दिया कि निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से डाटा संकलन के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप साझा किया जाये। बैठक में आईईसी सामग्री के प्रदर्शन एवं ओआरएस कॉर्नर की स्थापना पर भी चर्चा हुई । सभी निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा पीएसआई इंडिया के सहयोग से अपने संस्थानों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की गई। अंत में सभी प्रतिभागियों ने डायरिया रोको अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समन्वय एवं सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।