- ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में बोले डीसीपीएम
- डायरिया रोको अभियान की तैयारियों पर हुई चर्चा, प्रचार-प्रसार पर रहेगा जोर
फ़िरोज़ाबाद I स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की त्रैमासिक समीक्षा बैठक हुईI पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पीएसआई इंडिया) व केनव्यू के सहयोग से आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम बदन राम ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच साल तक के बच्चों की डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य करना व दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के अन्तर्गत आशा कार्यकर्ताओं, आशा संगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पीएसआई इंडिया के सहयोग से प्रशिक्षित किया जा चुका हैI इसके साथ ही डायरिया रोको अभियान (स्टॉप डायरिया कैम्पेन) के दौरान ई- रिक्शा के माध्यम से डायरिया से बचाव और प्रबन्धन के बारे में प्रचार-प्रसार किया जाएगा I इस दौरान प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया जाएगा।
इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) रवि कुमार ने जनपद के सभी ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्र की सभी चिकित्सा इकाइयों पर ओआरएस कार्नर बनाकर आठ जून तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने लोगों को बेहतर कार्य करने हेतु प्रेरित भी किया I शहरी स्वास्थ्य समन्वयक प्रवल प्रताप सिंह ने ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों की वजह से आये बदलाव के बारे में चर्चा की। इसके साथ ही नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) पर बनाए गए ओआरएस एवं ज़िंक कार्नर को लेकर भी चर्चा की I
समीक्षा बैठक में पीएसआई इंडिया के राजेश कुमार प्रजापति ने ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की अब तक की गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया I हेल्थ मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गयीI जिला कार्यक्रम प्रबन्धक (डीपीएम) भानु प्रताप सिंह ने रिपोर्टिंग में सुधार के बारे में चर्चा की I डिवीज़नल अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर इरसाद अहमद ने कहा कि डायरिया की पहचान समय पर होना और आवश्यक उपचार मुहैया कराना अत्यंत आवश्यक है I
बैठक में जिला महिला अस्पताल के प्रतिनिधि, चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीसीपीएम, फार्मासिस्ट, एचएमआईएस ऑपरेटर, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि और पीएसआई इंडिया से कैफुल हसन आदि उपस्थित रहे I