अब हिंदी में भी जारी होंगी संयुक्त राष्ट्र की सूचनाएं



नई दिल्ली (एजेंसी) - वर्ष 1977 में विदेश मंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को हिंदी में संबोधित किया था। तब पहली बार संयुक्त राष्ट्र में हिंदी का डंका बजा था। बाद में उन्हीं के तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई बार संयुक्त राष्ट्र में अपना संबोधन हिंदी में दिया। अब उसी हिंदी में जानकारी की अहमियत को समझते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पहली बार हिंदी भाषा से जुड़े भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इस प्रस्ताव में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के सभी जरूरी कामकाज और सूचनाओं को इसकी अधिकारिक भाषाओं के अलावा दूसरी भाषाओं जैसे- हिंदी में भी जारी किया जाए। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र के सभी जरूरी संदेश अब हिंदी में भी भेजे जाएंगे। जो प्रस्ताव पारित हुआ है उसमें भारत से बांग्ला, उर्दू भाषा का भी जिक्र है।