प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस 10 को, जीरो बैलेंस पर खुलेंगे खाते



बाराबंकी - प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस 9 की जगह इस बार 10 जनवरी को मनेगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस बार 9 तारीख को रविवार है। ऐसे में इस दिन महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं का धनलाभ देने के लिए बैंकों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के खाते खोले जाएंगे। दिलचस्प यह है कि यह खाते जीरो बैलेंस पर खुलेंगे। यह जानकारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल डा केएनएम त्रिपाठी ने दी ।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना आदि का लाभ सभी पात्र महिलाओं को अवश्य मिले। बैंकों के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर महिलाओं के खाते खुलवाए जाएंगे। उस दिन विभिन्न बैंक स्टॉल लगाकर उन महिलाओं के खाते खोलेंगी, जिनका खाता किसी भी बैंक में नहीं है।

योजना के नोडल अधिकारी डा त्रिपाठी ने बताया  जनपद के सभी  शहरी व ग्रामीण चिकित्सा केन्द्रों पर इस बार 10 जनवरी को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाएगा। मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ-शिशु मृत्युदर को कम करने के उद्देश्य से इस दिवस का आयोजन किया जाता है। इस दिन हर गर्भवती की पांच जांच-ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच और अल्ट्रासाउंड निशुल्क किया जाता है। उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा केन्द्रों पर रेफर किया जाता है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी अम्बरीश द्विवेदी ने बताया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर दूसरी व तीसरी तिमाही की गर्भवती फोकस रहेगा। इसमें उच्च जोखिम गर्भवस्था वाली गर्भवती को चिन्हित किया जाएगा। उनकी स्थिति के हिसाब से उन्हें उच्च स्वास्थ्य केन्द्र पर रेफर किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में योजना की धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। उन्होंने बताया जननी सुरक्षा योजना में शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये दिये जाते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पहली बार मां बनने पर तीन किस्तों में पांच हजार रुपये दिये जाते हैं। यह रकम डी.बी.टी के माध्यम से दी जाती है। चूंकि बैंक में खाता नहीं होने के कारण कई बार महिलाएं को लाभ नहीं मिल पाता है, इसलिए विभाग ने बैंकों के माध्यम से जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की व्यवस्था की है। इससे लाभार्थी को सीधा लाभ मिलेगा।