10 अगस्त से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले में चलेगा आईडीए



  • सीडीओ ने की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई अंतर्विभागीय बैठक
  • अभियान की तैयारियों व सभी विभागों के समन्वय की ली जानकारी
  • डीडीओ की अपील - फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन जरूरी  

कानपुर नगर - जिले में एक जुलाई से पूरे माह संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान व फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत आईडीए कार्यक्रम 10 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलाया जाएगा। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता और जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) केके सिंह के निर्देशन में जिला समन्वय समिति की प्रथम जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक विकास भवन के सभागार कक्ष में आयोजित हुई।

जिला विकास अधिकारी द्वारा चिन्हित हाॅट स्पाट क्षेत्रों में रोस्टर बनाकर फागिंग करानें एवं समस्त नाले/नालियों/ जलभराव/जलभराव योग्य/मच्छरों के प्रजनन/मच्छरों के प्रजनन योग्य स्थलों को चिन्हित कर साफ-सफाई एवं अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही कराने हेतु नगर निगम एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को  निर्देशित किया गया।  साथ ही मानीटरींग एजेन्सीज को क्षेत्र में मानीटरींग हेतु सम्बन्धित ग्राम के ग्राम पंचायत सहायक/ग्राम पंचायत सचिव से सम्पर्क नम्बर अंकित करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने अपील की है कि फाइलेरिया से बचने के लिए हर साल चलने वाले आईडीए राउंड के दौरान दवा का सेवन अवश्य करें। इस दवा का सेवन दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास करें।    

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आलोक रंजन ने बताया कि इस आईडीए राउंड में जनपद की आबादी को फाइलेरिया बीमारी से बचाव के लिए उम्र के अनुसार एमडीए दवा का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समक्ष कराया जाएगा। उन्होंने स्कूलों में पैरेन्ट मीटींग, प्रतियोगित कराकर एवं प्रार्थना के दौरान संचारी रोगों से बचाव हेतु जागरूकता कराने हेतु शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया।

एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ आरपी मिश्रा ने बताया कि अभियान शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षक, ग्राम प्रधान, नगर पालिका व नगर पंचायत कर्मियों को शुक्रवार से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आईडीए की दवा फाइलेरिया के परजीवियों को नष्ट करने के साथ पेट के अन्य कीड़ों व समस्याओं को दूर करने में भी मदद करती हैं। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है।

 जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) एके सिंह ने बताया कि आईडीए दवा का सेवन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित आईसीडीएस, पंचायती राज व ग्राम विकास, जिला विधालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, आपूर्ति, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, आजीविका, आईएमए, सूचना अधिकारी आदि का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, पाथ, पीसीआई, सीफार, व अन्य स्थानीय संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
    
डीएमओ ने बताया कि एक जुलाई से शुरू हो रहे सभी अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माइक्रोप्लान के तहत कार्य करेंगी। अभियान में ‘हर रविवार मच्छरों पर वार’ पर भी ज़ोर दिया जाएगा। किसी भी प्रकार के रोग से पीड़ित होने पर रोगी को 108 एंबुलेंस की मदद से सीएचसी व पीएचसी पर पहुंचायेगी ताकि उन्हें समुचित इलाज मिल सके। सहायक मलेरिया अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि संक्रमण से बचने व बुखार होने पर “क्या करें, क्या न करें” का प्रत्येक प्रमुख स्थान पर प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग, बैनर, पोस्टर आदि लगाए जा रहे हैं।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष व महिला), समस्त एसीएमओ, अंधता निवारण, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, मलेरिया व सर्विलान्स अधिकारी, जिला आपूर्ति, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, सूचना, बेसिक शिक्षा व अन्य विभागों के अधिकारी, आईएमए अध्यक्ष, डीपीएम, सहायक मलेरिया अधिकारी सहित यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।