यूपी के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए जनहित स्वास्थ्य पोर्टल शुरू, चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन



लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में बड़ी राहत देते हुएजनहित स्वास्थ्य पोर्टलशुरू किया है। नई व्यवस्था के तहत चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावों से जुड़ी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को अब चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए कागजी फाइलों और कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। नई ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य दावों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत उपचार शुरू होने के 30 दिन के भीतर संबंधित विभाग को इसकी सूचना देनी होगी। इसके बाद 90 दिन के अंदरजनहित स्वास्थ्य पोर्टलपर चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए दावा प्रस्तुत करना होगा। दावा करते समय चिकित्सा से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे, जिससे संबंधित अधिकारियों को दावे की जांच और निस्तारण में सुविधा होगी।

पोर्टल पर प्राप्त दावे का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा और दावा प्राप्त होने के 45 कार्यदिवस के भीतर चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा। प्रतिपूर्ति की गणना संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली की निर्धारित चिकित्सा दरों के आधार पर की जाएगी।

जनहित स्वास्थ्य पोर्टलको मानव संपदा पोर्टल से भी जोड़ा जाएगा। इससे मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली कोड वाले कर्मचारियों का व्यक्तिगत और सेवा संबंधी विवरण पोर्टल पर स्वतः प्रदर्शित होगा। इससे आवेदन भरने की प्रक्रिया और आसान होगी तथा कर्मचारियों को बार-बार अपनी सेवा संबंधी जानकारी दर्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

कर्मचारी नागरिक प्रवेश के माध्यम से अपनी उपयोगकर्ता पहचान और पासवर्ड बनाकर पोर्टल पर प्रवेश कर सकेंगे। इसके बादचिकित्सा प्रतिपूर्ति भुगतानविकल्प के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा। आवेदन के साथ आवश्यक चिकित्सा दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने के बाद दावा संबंधित विभागीय प्रक्रिया में चला जाएगा।

सरकार की इस नई व्यवस्था से प्रदेश के करीब 16.35 लाख कर्मचारी और 11.53 लाख पेंशनर लाभान्वित होंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए लंबे समय तक कागजी कार्यवाही और भौतिक पत्राचार पर निर्भरता कम होगी। पहले कागजी फाइलों और भौतिक पत्राचार के कारण दावों की जांच तथा निस्तारण में देरी के साथ ही कई स्तरों पर विसंगतियां भी सामने आती थीं। नई ऑनलाइन व्यवस्था में आवेदन, दस्तावेज और दावे की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होने के कारण पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होने की उम्मीद है।जनहित स्वास्थ्य पोर्टल के माध्यम से चिकित्सा प्रतिपूर्ति की व्यवस्था को सरल बनाने के साथ ही सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया है। इससे एक ओर जहां दावों के निस्तारण में तेजी आएगी, वहीं दूसरी ओर लाभार्थियों को अपनी प्रतिपूर्ति के लिए विभागीय कार्यालयों में बार-बार संपर्क करने की परेशानी से भी राहत मिलेगी।

 

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