गोरखपुर - छोटा परिवार खुशहाली का आधार है । बढ़ती महंगाई में सीमित परिवार रख कर बच्चों और परिवार को बेहतर भविष्य दिया जा सकता है । मातृ शिशु स्वास्थ्य को बनाए रखने में और मातृ शिशु मृत्यु दर को कम करने में परिवार नियोजन की अहम भूमिका है । यही वजह है कि जिन लोगों को परिवार पूरा हो गया है वह नसबंदी का स्थायी साधन अपना सकते हैं । ऐसे लोगों को 11 जुलाई से 31 जुलाई के बीच विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के सेवा प्रदायगी चरण के तहत निर्धारित सेवा दिवस के रूप में 63 मौके मिलेंगे । यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने दी ।
सीएमओ ने बताया कि एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी की देखरेख में नसबंदी के निर्धारित सेवा दिवस के लिए टीम गठित कर दी गयी है । इस समय जिले में दंपति सम्पर्क पखवाड़ा चरण चल रहा है जिसमें आशा, एएनएम व अन्य स्वास्थ्यकर्मी योग्य दंपति को परिवार नियोजन के ‘बॉस्केट ऑफ च्वाइस’ की जानकारी दे रहे हैं। ‘बॉस्केट ऑफ च्वाइस’ परिवार नियोजन के सभी साधनों की जानकारी है, जिसमें से मनपसंद साधन लक्षित दंपति चुनाव कर सकता है। साथ ही परिवार नियोजन के स्थायी साधन नसबंदी और अस्थायी साधन आईयूसीडी व त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन के इच्छुक लाभार्थियों की सूची भी बनायी जा रही है। इस कार्य में यूपीटीएसयू के जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग कर रहे हैं । महिला नसबंदी करवाने पर लाभार्थी को 2000 रुपये और पुरुष नसबंदी करवाने पर लाभार्थी को 3000 रुपये देने का प्रावधान है ।
यहां होंगे निर्धारित सेवा दिवस के आयोजन
यहां प्रतिदिन सेवा की उपलब्धता
• जिला महिला अस्पताल में महिला नसबंदी की सुविधा प्रतिदिन और प्रत्येक बुधवार को महिला एवं पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध
• कौवाबाग स्थित प्रकाश सर्जिकल में प्रतिदिन पुरुष नसबंदी की सेवा उपलब्ध
• आजाद चौक स्थित सूर्या क्लिनिक में प्रतिदिन मिनीलैप विधि से महिला नसबंदी और पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध।
• जिला अस्पताल में प्रत्येक माह की 21 तारीख को पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध
प्रत्येक आशा का दायित्व : सीएमओ ने बताया कि जिले की समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रत्येक गुरूवार को अन्तराल दिवस, माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान और 21 तारीख को मनाए जाने वाले खुशहाल परिवार दिवस पर एक योग्य लाभार्थी को त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन और एक लाभार्थी को आईयूसीडी की सेवा देना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रति माह प्रत्येक हेल्थ विजिटर, एएनएम और आशा को एक नसबंदी करवाना अनिवार्य किया गया है ।
तैयार की जा रही है लिस्ट : पिपराईच सीएचसी की परिवार नियोजन काउंसलर रीना ने बताया कि पखवाड़े की सफलता के लिए अधीक्षक डॉ मणि शेखर के नेतृत्व में बैठक हो चुकी है । आशा कार्यकर्ता घर घर जाकर योग्य दंपति की लिस्ट बना रही हैं। परामर्श कक्ष में जो भी लाभार्थी आते हैं और साथ में जिन महिलाओं का प्रसव हो रहा है उनके परिवार को परिवार नियोजन के सभी साधनों के बारे में जानकारी दे रही हूं।