लखनऊ - प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य व जनपद स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान योजना के दायरे में लाते हुए सालाना पाँच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान करने जा रही है । सरकारी अस्पतालों में तो पहले से ही आम लोगों की तरह उनके मुफ्त इलाज की व्यवस्था है किन्तु अब मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के दायरे में आने के बाद वह योजना से सम्बद्ध निजी अस्पतालों में भी भर्ती होकर मुफ्त उपचार करा सकेंगे । अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने इस बारे में निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को पत्र भेजकर मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों (परिवार के सदस्यों) की सूची तैयार कराने को कहा है ।
इस संबंध में कहा गया है कि प्रदेश में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से उन्हें मुफ्त चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किया जाएगा । इस चिकित्सा सुविधा के लिए राज्य/जिला स्तर पर सभी मान्यता प्राप्त पत्रकार लाभार्थी होंगे । इस श्रेणी के सभी पत्रकार एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों का डाटा तैयार कराए जाने का कार्य निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा किया जाएगा । इसके लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के उप निदेशक स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा । मान्यता प्राप्त पत्रकारों का पूर्ण विवरण प्रतिवर्ष चिकित्सा सुविधा के लिए नामित नोडल अधिकारी द्वारा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि सभी पात्र लाभार्थियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत शामिल करते हुए मुफ्त उपचार की सुविधा मुहैया कराई जा सके । योजना के दायरे में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को शामिल कराने के लिए आवश्यक बजट आदि का भी आँकलन कर लिया गया है ।