लखनऊ - आज की भागदौड़ की जिंदगी, अनियमित काम के घंटे, व्यायाम का अभाव, एक जगह बैठकर लैपटॉप पर घंटों काम करना, नशे,एल्कोहॉल, गुटखा तंबाकू व तंबाकू उत्पादों आदि का सेवन, फास्ट फूड और पैकेज्ड फूड का सेवन, एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ और उससे उपजा मानसिक तनाव, – यह सभी हृदय संबंधी रोगों के लिए उत्तरदायी कारक हैं | इसके साथ ही 8 घंटे की पर्याप्त नींद न लेना और नींद का समय निर्धारित न होना भी एक कारण है | गैर संचारी रोग के नोडल अधिकारी डा. राजेन्द्र कुमार चौधरी बताते हैं कि लोगों को हृदय संबंधी रोगों से बचाव के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है | पूरी दुनिया में हर साल लगभग 1 करोड़ लोगों की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से होती है |
नोडल अधिकारी कहते हैं हृदय रोगों से बचना है तो नशा, एल्कोहॉल, तंबाकू गुटखा आदि से दूरी बनाएं | चिकनाई युक्त भोजन, नमक और शक्कर का सेवन कम से कम करें | फास्ट फूड, पैकेज्ड फूड और फ्रिज में ज्यादा दिनों तक रखे भोजन के सेवन से परहेज करें | नियमित व्यायाम और योग करें | प्रतिदिन कम से कम चार किलोमीटर खुली हवा में टहलें | तनाव न लें | यदि तनाव ग्रसित हैं तो मनोरंजन का सहारा लें | आज के समय में एकल परिवार होने के कारण तनाव की समस्या ज्यादा हो रही है | पहले संयुक्त परिवार में व्यक्ति कोई भी समस्या होने पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा कर लेता था जबकि एकल परिवार में यह संभव नहीं हो पाता है |