लखनऊ - आज केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल फेज़ -2 में BCLS वर्कशॉप आयोजित की गयी। वर्कशॉप में डॉ. विनीता द्विवेदी एवं डॉ. अवधेश द्विवेदी ने मेडिकल छात्रों व डॉक्टरों को पहले विषय का सैद्धांतिक पक्ष विस्तार से समझाया और हृदय संबंधी आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले प्रत्येक चरण की जानकारी दी। इसके पश्चात दोनों विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण कराया, जिसमें CPR और लाइफ सपोर्ट तकनीकों का लाइव प्रदर्शन भी शामिल रहा।
उनके इस प्रभावी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए आयोजन समिति द्वारा डॉ. विनीता द्विवेदी और डॉ. अवधेश द्विवेदी (आयुष विभाग) को सम्मानित किया गया। इस व्यवस्थित प्रशिक्षण पद्धति से छात्रों को गहराई से विषय की समझ मिली और उन्होंने व्यवहारिक अभ्यास द्वारा आत्मविश्वास भी विकसित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल श्रीवास्तव, मैक्स अस्पताल ने “कार्डियक अवेयरनेस एवं CPR के जीवन-रक्षक महत्व” विषय पर विशेष सत्र दिया। उन्होंने अपने व्यापक चिकित्सकीय अनुभव को साझा करते हुए कहा कि आज हृदय रोग लगातार बढ़ रहे हैं और कार्डियक इमरजेंसी में समय ही सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने कहा कि अचानक से हुए कार्डियक अरेस्ट में CPR का समय पर प्रयोग किसी भी मरीज की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। डॉ. श्रीवास्तव ने ज़ोर देकर कहा कि CPR का ज्ञान केवल चिकित्सकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आम जनता तक पहुँचना चाहिए। इससे कार्डियक इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत मदद मिल सकेगी और अनेक जीवन बचाए जा सकेंगे।
उत्कृष्ट योगदान और मार्गदर्शन के लिए आयोजन समिति द्वारा डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ.अवधेश द्विवेदी (आयुष विभाग) तथा डॉ. विशाल श्रीवास्त को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस कार्यशाला में डॉ.सुनील यादव, फार्मेसी ऑफिसर सिविल हॉस्पिटल, खुशी फॉउण्डेशन व मैक्स हॉस्पिटल ने भी अपना सहयोग प्रदान किया।