लखनऊ - अवंतीबाई जिला महिला अस्पताल में स्टेबिलाइज्ड न्यू बोर्न केयर यूनिट(एसएनसीयू) स्थापित है। जहां पर जन्मजात बीमार बच्चों को भर्ती किया जाता है । इन बच्चों को उनकी माताओं से प्यार तो बाद में मिलता है पहले तो यहाँ तैनात नर्सेस ही उनकी मायें होती हैं जो उनके स्वास्थ्य की देखभाल तो करती ही हैं उन्हें दुलारती और पुचकारती भी हैं ।
नर्सिंग ऑफिसर किरन एक ऐसे ही केस का जिक्र करती हैं कि पिछले माह बाल गृह से दुधमुँहा बच्चा एसएनसीयू में इलाज के लिए आया था वह यहाँ लगभग 15 दिन रहा । हम सभी नर्सों ने उसकी बड़े प्यार से देखभाल की । स्वस्थ होकर जब वह यहाँ से गया तो हम सब बहुत दुखी थे । हम सबने जाते समय नवजात को कपड़े, फीडिंग का समान वगैरह दिया । कभी-कभी बहुत ग़रीब घर के नवजात आते हैं जिनकी माँ के पास पहनने के ढंग के कपड़े भी नहीं होते हैं । हम लोग कपड़े वगैरह भी देते हैं ।
एसएनसीयू में पूरे प्रदेश से लोग एक आशा और विश्वास के साथ अपने बच्चों को लेकर आते हैं कि यहाँ बच्चा स्वस्थ हो ही जाएगा । हम उनकी आशा और विश्वास पर खरे उतरने के लिए जी जान से कोशिश करते हैं । जब बच्चे ठीक होकर यहाँ से जाते हैं तो मन को काफी शांति मिलती है कि हमारे प्रयासों ने एक बच्चे की जान बचा ली है । जब बच्चे फॉलो अप में आते हैं तो उनके परिवार के सदस्यों द्वारा उनके द्वारा जो प्रतिक्रिया मिलती है उससे न केवल हमें खुशी मिलती है बल्कि हमें और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है । यह फॉलो अप एक साल तक चलता है ।
किरन और आभा का कहना है कि सेवा भाव ने उन्हें नर्स के तौर पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया । किरन बताती हैं कि यहाँ छह-छह घंटे की दो नर्सेस की दिन में ड्यूटी होती है और रात में 12 घंटे की ड्यूटी होती है ।