बाराबंकी - आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का आयुष्मान कार्ड या गोल्डन कार्ड आपकी जेब में है तो किसी भी आकस्मिक बीमारी में बिना वक्त गंवाए चिकित्सक आपको नया जीवन दे सकते हैं। क्योंकि कुछ आकस्मिक बीमारियों में एक-एक पल की बड़ी अहमियत होती है । शासन व स्वास्थ्य विभाग के ओर से हरसम्भव कदम उठाया जा रहा है कि जल्द से जल्द पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बना दिया जाए। ताकि उनको किसी भी आड़े वक्त में इलाज के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत न पड़े और न ही कर्ज लेकर इलाज के लिए विवश होना पड़े। इस योजना के तहत अब तक 15 हजार 700 कार्ड धारको का नि:शुल्क इलाज का लाभ लिया गया। जिले के 3.67 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किये गये है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा रामजी वर्मा का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना देश में कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त में सालाना पांच लाख रूपये तक की बीमा कवरेज मुहैया कराती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी चलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसमें कैंसर और दिल की बीमारी जैसी 1000 से अधिक गंभीर बीमारियों के लिए जनपद में 32 सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। जिस पात्र लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड है वह छोटी से लेकर बड़ी बीमारियों तक का इलाज अस्पताल में भर्ती होकर करवा सकते हैं। बीमारी की स्थिति में सभी मेडिकल जांच ऑपरेशन इलाज व दवा का खर्च इसके तहत कवर होता है।
अगर कोई व्यक्ति कार्ड बनने से पहले से बीमार है तो भी उसका इलाज इस योजना के अंतर्गत होगा। इन बीमारियों में मैटरनल हेल्थ और सी सेक्शन या उच्च जोखिम प्रसव की सुविधाए नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, कैंसर, टीवी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरेपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी, एमआरआई, सीटी स्कैन, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर, डायबीटीज, कोरोनरी, बायपास, घुटना बदलना, स्टंट डालना, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी आदि शामिल हैं। इसके साथ ही अस्पताल में एडमिट होने से पहले और बाद के खर्च भी इस हेल्थ बीमा में कवर किए जा रहे हैं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं योजना के नोडल अधिकारी डा डीके श्रीवास्तव ने बताया आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत अब तक जिला के एक लाख 49 हजार 485 परिवारों के 3 लाख 67 हजार 90 आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके है। इसके अलावा अभी करीब 28 हजार अन्त्योदय कार्ड धारक एवं 13 हजार अधिक श्रमिकों का आयुष्मान कार्ड बनाकर योजना से जोड़ा गया है।
आयुष्मान कार्ड धारकों ने बताया अपना फायदा : जिले के विकास खण्ड देवा के ग्राम मित्तई की रहने वाली आरती पत्नी रमेश उम्र 40 वर्ष दोनों ने बताया कि पिछले कई साल से पित्ताशय की थैली में पथरी होने की वजह से तेज दर्द रहता था। गांव की आशा कार्यकर्ता निर्मला देवी ने उनको आयुष्मान कार्ड के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने मौके पर आयुष्मान कार्ड बनवाकर जिले के प्राइवेट हॉस्पिटल अपने पथरी का सफल अपरेशन कराया। इसके तहत उनको पथरी जैसी बिमारी से निजात मिल सका। उनका कहना है कि अब मै बिल्कूल स्वस्थ्य है।
ब्लॉक बंकी के ग्राम भिटौली कला की निवासी सीमा 30 वर्ष के पति रामा अपने जीवकोपार्जन के लिए मजदूरी का कार्य कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है। उनकी पत्नी को तय समय से पहले व सीजेरियन प्रसव के लिए जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज लखनऊ के लिए रिफर किया गया । मौके पर उनके पास आयुष्मान कार्ड होने पर जिले के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराकर नि:शुल्क सफल प्रसव कराने का कार्य किया गया। रामा का कहना है कि आयुष्मान कार्ड योजना के सम्बन्ध मे क्षेत्र की आशा दीदी ने प्रेरित किया था। जिसका लाभ मुझे मेरे पत्नी के सफल प्रसव के नि:शुल्क उपचार में मिला। आयुष्मान कार्ड हम जैसे गरीब के लिए वरदान सबित हुआ।