नई दिल्ली : नई दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 'एमएसएमई दिवस 2026-उद्यमी भारत' कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, खादी और ग्रामोद्योग अध्यक्ष मनोज गोयल के साथ मंत्रालय के अधिकारी और एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे। इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने देश भर में एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए पांच पोर्टल- पीएमईजीपी 2.0 पोर्टल, समाधान 2.0 पोर्टल, पीएमएस 2.0 पोर्टल, एमएसएमई ग्लोबल मार्ट 2.0 पोर्टल, एमएसएमई टेस्टिंग पोर्टल के अलावा एमएसएमई क्षेत्र में नवाचार और उन्नत तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 6.0 की लॉचिंग भी की।
उपराष्ट्रपति ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक 'कॉफ़ी टेबल बुक' का भी विमोचन किया। मौके पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था में मजबूती के पीछे एमएसएमई क्षेत्र का योगदान महत्वपूर्ण है।
एमएसएमई दिवस के मौके पर बोलते हुए केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा देश में कृषि के बाद एमएमएमई रोजगार देने वाला सबसे बड़ा सेक्टर है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश में 8 करोड़ से अधिक MSME इकाइयाँ हैं, अगर एक इकाई में औसतन 5 लोगों के रोजगार मिलने की बात करें तो यह आंकड़ा तकरीबन 40 करोड़ तक पहुंचता है। इसलिए MSME क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है।