PRAGATI बैठक में PM मोदी ने समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन पर दिया बल



नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेवा तीर्थ में PRAGATI की 51वीं बैठक की अध्यक्षता की। ICT आधारित यह मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय के जरिए सक्रिय शासन और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है। बैठक में प्रधानमंत्री ने रेलवे, बिजली और सड़क क्षेत्र की नौ राज्यों से जुड़ी करीब 30 हजार करोड़ रुपये की सात महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही केन-बेतवा लिंक परियोजना और स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 की प्रगति का भी जायजा लिया गया। 

बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने शहरी क्षेत्रों, आवासीय परिसरों और सार्वजनिक संस्थानों में रूफटॉप सोलर को मिशन मोड में तेजी से अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे बिजली लागत कम होगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

सड़क और बंदरगाह कनेक्टिविटी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वधावन पोर्ट को पोर्ट आधारित मल्टी-मॉडल विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे केवल बंदरगाह नहीं, बल्कि तटीय शिपिंग, अंतर्देशीय जलमार्ग, समर्पित माल गलियारे, हाई-स्पीड रेल, राजमार्ग और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़ा राष्ट्रीय प्रवेश द्वार माना जाए। 

स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मिशन केवल बुनियादी ढांचा निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नियमित निगरानी, जनभागीदारी और विभिन्न हितधारकों के समन्वय के जरिए ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने राज्यों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और गोबरधन संयंत्रों से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने को कहा। 

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की समीक्षा में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना राज्यों के बीच जल विवादों के समाधान के लिए एक मॉडल बन सकती है। उन्होंने राज्यों को जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और सिंचाई दक्षता बढ़ाने के लिए ऐसी परियोजनाओं की पहचान करने को प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में देरी से लागत बढ़ती है और नागरिकों को आवश्यक सुविधाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता। उन्होंने मंत्रालयों, विभागों और राज्यों से लंबित मुद्दों को तेजी से सुलझाने और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने नहरों के ऊपर और किनारे सोलर पैनल लगाने जैसे नवाचारों को अपनाने की भी बात कही, जिससे भूमि उपयोग का बेहतर प्रबंधन, पानी के वाष्पीकरण में कमी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन संभव हो सके। 

बैठक की शुरुआत में कैबिनेट सचिव ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर राज्यों में सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं की मासिक समीक्षा की व्यवस्था भी शुरू की गई है। इस पहल के तहत पहले चरण में स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा राज्य स्तर पर की जा रही है।